हनुमान मंत्र
ॐ नमो नारायणाय
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
मैं सर्वव्यापी भगवान नारायण को साष्टांग नमन करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
भयमुक्ति, अंतःकरण की पूर्ण शुद्धि, अज्ञान का नाश और मोक्ष (वैकुण्ठ) की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
भयमुक्ति, अंतःकरण की पूर्ण शुद्धि, अज्ञान का नाश और मोक्ष (वैकुण्ठ) की प्राप्ति 2।
जप काल
प्रातःकाल, मध्याह्न या संध्या काल; मानसिक जप या तुलसी माला से।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ लोकपूज्याय नमः
जो भक्तों के हृदय में रमण करने वाले भगवान राम (भार्गव राम) हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: आंतरिक शांति) 19।
स्तुवन्ति ये स्तुतिभिरमीभिरन्वहं त्रयीमयीं त्रिभुवनमातरं रमाम्। गुणाधिका गुरुतरभाग्यभागिनो भवन्ति ते भुवि बुधभाविताशयाः॥
व्यक्ताव्यक्तगिरः सर्वे वेदाद्या व्याहरन्ति याम्। सर्वकामदुघा धेनुः सा मां पातु सरस्वती॥ सौः देवीं वाचमजनयन्त देवास्ता विश्वरूपाः पशवो वदन्ति। सा नो मन्द्रेषमूर्जं दुहाना धेनुर्वागस्मानुपसुष्टुतैतु॥
ॐ कृष्णप्रेममय्यै राधायै नमः
ॐ कबन्धवनवासिन्यै नमः