हनुमान मंत्र
ॐ परब्रह्मणे नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं परम सत्य (परब्रह्म) हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
आत्मज्ञान की प्राप्ति और 'अहम् ब्रह्मास्मि' की अनुभूति
विस्तृत लाभ
आत्मज्ञान की प्राप्ति और 'अहम् ब्रह्मास्मि' की अनुभूति।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कराल-वदनां घोरां मुक्त-केशीं चतुर्भुजाम्। कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्ड-माला विभूषिताम्। सद्यः-छिन्न-शिरः-खड्ग-वामाधोर्ध्व-कराम्बुजाम्। अभयं वरदञ्चैव दक्षिणोर्ध्वाधः-पाणिकाम्॥
घ्राणं पातु महालक्ष्मीः कण्ठं पातु सरस्वती। भुजौ तु पातु वरदा हृदय पातु सुन्दरी॥
ॐ विश्वाकाराय नमः
या श्रद्धा धारणा मेधा वाग्देवी विधिवल्लभा। भक्तजिह्वाग्रसदना शमादिगुणदायिनी॥
करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं। विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो॥
ॐ जितेन्द्रियाय नमः