शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ पिनाकिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपपिनाकपाणि
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके हाथ में पिनाक नामक शिव-धनुष है 61।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शत्रुओं से रक्षा
विस्तृत लाभ
शत्रुओं से रक्षा
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
इतो नृसिंहः परतो नृसिंहो यतो यतो यामि ततो नृसिंहः। बहिर्नृसिंहो हृदये नृसिंहो नृसिंहमादिं शरणं प्रपद्ये॥
ॐ भूतभृते नमः
मदोन्मदातियौवने प्रमोदमानमण्डिते प्रियानुरागरञ्जिते कलाविलासपण्डिते। अनन्यधन्यकुञ्जराज्यकामकेलिकोविदे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
वासुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम् । देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् ॥
ॐ त्रिकूटस्थायै नमः
ॐ महामात्रे नमः