शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ पिङ्गलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपिंगल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
स्वर्ण के समान कांति वाले भगवान को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक तेज और आकर्षण में वृद्धि
विस्तृत लाभ
शारीरिक तेज और आकर्षण में वृद्धि।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सन्मुखाय नमः
ऊर्ध्वे महाकाल भैरवाय नमः ऊर्ध्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
जो शांत भाव से सह्याद्रि (और महेंद्र) पर्वत पर निवास करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: जीवन में स्थिरता और भूमि-लाभ) 19।
ॐ कुमार्यै नमः
लक्ष्मीर्हरिप्रिया पद्मा एतन्नामत्रयं स्मरन्। सर्वान्कामानवाप्नोति सत्यं सत्यं हि पद्मज॥
ॐ वृषाङ्काय नमः