शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ पूर्णचन्द्रनिभाननायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका मुखमंडल पूर्ण चंद्रमा के समान शीतल और कांतिमय है।
जप काल
तुलसी माला पर जप।
टिप्पणी
साधना की दृष्टि से इन नामों को ॐ और 'नमः' या 'स्वाहा' के सम्पुट के साथ जपा जाता है।
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ॐ करञ्जफलभूषाढ्यायै नमः
ऊर्क च मे सूनृता च मे पयश्च मे रसश्च मे...
स्तुवन्ति ये स्तुतिभिरमीभिरन्वहं त्रयीमयीं त्रिभुवनमातरं रमाम्। गुणाधिका गुरुतरभाग्यभागिनो भवन्ति ते भुवि बुधभाविताशयाः॥
ॐ श्रीं ह्रीं जय लक्ष्मी प्रियाय नित्य प्रमुदित चेतसे लक्ष्मी स्रितार्थ देहाय श्रीं ह्रीं नमः
ॐ वीरवराग्रगाय नमः
ॐ कामिने नमः।