शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ प्रद्युम्नाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतृतीय व्यूह मंत्र
स्वरूपऐश्वर्य और वीर्य के अधिपति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मैं ऐश्वर्य और वीर्य से युक्त प्रद्युम्न को नमन करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मनोबल (Mind/Manas), संप्रभुता और रचनात्मकता का विकास
विस्तृत लाभ
मनोबल (Mind/Manas), संप्रभुता और रचनात्मकता का विकास 39।
जप काल
इच्छा शक्ति की प्रबलता हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सावित्र्यै नमः
ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं । श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालाय गोलोक सुन्दराय सत्याय नित्याय परमात्मने पराय वैखानसाय विराजमूर्तये मेघात्मने श्रीम नरसिंहवपुषे नमः
ॐ किशोर्यै नमः
ॐ महेश्वरप्रियङ्कर्यै नमः
न मे द्वेषरागौ न मे लोभमोहौ... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
प्रबिसि नगर कीजै सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥