शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
प्रतीच्यां उन्मत्त भैरवाय नमः प्रतीच्यां मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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पश्चिम दिशा रक्षा
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