शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी प्राणियों (भूतों) का कल्याण करने वाली देवी को नमन 57।
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ॐ भर्त्रे नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये ब्रह्माण्डातीतपरमपुरुषः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥
ॐ निर्द्वन्द्वाय नमः।