शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ शरोद्भूताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशरवनभव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सरकंडों (शरवन) में प्रकट होने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रकृति से जुड़ाव और भौतिक शुद्धता
विस्तृत लाभ
प्रकृति से जुड़ाव और भौतिक शुद्धता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नं रीं नित्यतृप्तधाम्ने तत्पुरुषात्मने तर्जनीभ्यां नमः
ॐ घोररूपाय नमः।
ॐ क्लीं ऐं नमो भगवते रघुनन्दनाय रक्षोघ्न विषधाय मधुरप्रसन्न-वदनाय अमिततेजसे बलाय रामाय विष्णवे नमः क्लीं ऐं ॐ
कराभ्यां परशुं चापं दधानं रेणुकात्मजं। जामदग्न्यं भजे रामं भार्गवं क्षत्रियान्तकं॥
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै।
ॐ सर्वग्रहरूपिणे नमः