ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

रूरु भैरव मंत्र (दक्षिण-पूर्व दिशा)

रुं ह्रीं रुरवे नमः।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारअष्टभैरव मंत्र
स्वरूपरूरु भैरव
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

रूरु भैरव को नमन।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ज्ञान की प्राप्ति और जीवन में समृद्धि

विस्तृत लाभ

ज्ञान की प्राप्ति और जीवन में समृद्धि 25।

जप काल

वृषभ (बैल) वाहन का ध्यान करते हुए आग्नेय कोण में 26।

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