शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ पशुपतये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपजीवों के स्वामी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सभी जीवों के नाथ हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पशु-वृत्ति (Animal instincts) का नाश
विस्तृत लाभ
पशु-वृत्ति (Animal instincts) का नाश
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अभीरवे नमः।
कर्दमेन प्रजाभूता मयि सम्भव कर्दम। श्रियं वासय मे कुले मातरं पद्ममालिनीम्॥
ह्रीं स्त्रीं हूँ (Hreem Streem Hoom)
गजेन्द्रवदनं साक्षाच्चलकर्ण सुचामरम् । हेमवर्णं चतुर्बाहुं पाशाङ्कुशधरं वरम् ॥ स्वदन्तं दक्षिणे हस्ते सव्ये त्वाम्रफलं तथा । पुष्करे मोदकं चैव धारयन्तमनुस्मरेत् ॥
ॐ विपुलांसाय नमः
ॐ अक्षराय नमः