शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
सुगं च मे शयनं च मे सूषा च मे सुदिनं च मे...
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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टिप्पणी
मेरी यात्रा सुखद हो, शयन सुखद हो, और मेरे दिन शुभ हों
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरिविनाशनम्॥
ॐ इष्टभक्तिप्रदायिन्यै नमः
ॐ सुश्लोकमण्डलाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ नरसिंहाय विद्महे वज्रनखाय धीमहि तन्नो नरसिंहः प्रचोदयात्।
ॐ निवृत्तात्मने नमः