शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ शिशुपालशिरश्छेत्त्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपशिशुपाल-संहारक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शिशुपाल का सिर छेदन करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
निन्दकों का शमन
विस्तृत लाभ
निन्दकों का शमन
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्। वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥
ॐ धीरोदात्ताय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये ब्रह्मानन्दामृतं तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
कांसोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम्। पद्मे स्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वये श्रियम्॥
ॐ विरजायै नमः
ॐ शंकराय नमः