शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्णः शरणं मम
श्रीकृष्णः शरणं मम
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारअष्टाक्षरी मन्त्र (Pushtimarg Ashtakshara) / शरणागति मन्त्र / साम्प्रदायिक दीक्षा मन्त्र
स्वरूपश्रीनाथजी / बाल-कृष्ण (गोवर्धननाथ)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भगवान श्रीकृष्ण ही मेरा एकमात्र आश्रय (रक्षक) हैं 15।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
त्रिविध तापों का नाश, भगवद्-आश्रय की अगाध दृढ़ता, पापों से मुक्ति और संसार के भयों (विशेषकर यम का भय) से रक्षा
विस्तृत लाभ
त्रिविध तापों का नाश, भगवद्-आश्रय की अगाध दृढ़ता, पापों से मुक्ति और संसार के भयों (विशेषकर यम का भय) से रक्षा 15।
जप काल
पुष्टिमार्ग में 'ब्रह्मसम्बन्ध' दीक्षा के पश्चात् अष्टयाम सेवा के दौरान इसका निरन्तर स्मरण किया जाता है।
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