शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
क्रोध भैरव मंत्र (दक्षिण-पश्चिम दिशा)
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं ह्रीं क्लीं सर्व विघ्न निवारणाय महा क्रोध भैरवाय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविघ्न-निवारक मंत्र
स्वरूपक्रोध भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सर्व विघ्न हरने वाले क्रोध भैरव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
महान उपलब्धियां, बाधाओं का नाश और असीम साहस
विस्तृत लाभ
महान उपलब्धियां, बाधाओं का नाश और असीम साहस 25।
जप काल
गरुड़ वाहन का ध्यान करते हुए नैऋत्य कोण में 26।
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ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
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