शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ शुकवागमृताब्धीन्दवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपभागवत-प्रतिपाद्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शुकदेव जी की वाणी रूपी अमृत-सागर के चन्द्रमा को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वाक्-सिद्धि एवं विद्या
विस्तृत लाभ
वाक्-सिद्धि एवं विद्या
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