शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ स्मृतये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपस्मृति-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्मृति ग्रंथों के प्रणेता और स्मरण शक्ति के अधिष्ठाता हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
स्मरण शक्ति
विस्तृत लाभ
स्मरण शक्ति
जप काल
अध्ययन
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ विशालाक्ष्यै नमः
ॐ मूलप्रकृत्यै नमः
श्रीहरिः पातु ते वक्त्रं मस्तकं मधुसूदनः । श्रीकृष्णश्चक्षुषी पातु नासिकां राधिकापतिः ॥
ॐ देवदेविकायै नमः
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥
ॐ अनिरुद्धाय नमः