शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ त्रिकालज्ञायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपत्रिकालज्ञा
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भूत, भविष्य और वर्तमान को जानने की प्रज्ञा
विस्तृत लाभ
भूत, भविष्य और वर्तमान को जानने की प्रज्ञा
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ॐ दीनबन्धवे नमः
ॐ ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं नमः।
वृत्तोत्फुल्लविशालाक्षं विपक्षक्षयदीक्षितम्। निनादत्रस्तविश्वाण्डं विष्णुमुग्रं नमाम्यहम्॥
ॐ कृष्णमन्त्राधिदेवतायै नमः
बालार्कारुणकान्तिर्वामे बालां वहन् अङ्के । लसदिन्दीवर हस्तं गौराङ्गीं रत्नशोभाढ्याम् ॥ दक्षे अङ्कुश वरदानं वामे पाशं च पायसं पात्रम् । नीलांशुक समान पीठपद्मारुणे तिष्ठन् संकटहरणः पायात् ॥