शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ वाचं वाणी सदा पातु।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकाररक्षा कवच मंत्र;
स्वरूपवाणी (सरस्वती स्वरूपा)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवी सरस्वती मेरी वाणी की रक्षा करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अंग: वाणी (Speech) की रक्षा
विस्तृत लाभ
अंग: वाणी (Speech) की रक्षा।
टिप्पणी
इस कवच के मंत्रों को न्यास (शरीर के अंगों को स्पर्श करते हुए) के रूप में जपा जाता है।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये ब्रह्मानन्दामृतं तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवि मङ्गलचण्डिके ऐं क्रूं फट् स्वाहा॥
योगारूढो योगपट्टाभिरामः बालार्कभाश्च नीलांगशुकः । पाशेक्ष्वाक्षान् योगदण्डं दधानः पायान्नित्यं योगविघ्नेश्वरः नः ॥
ॐ सत्यव्रताय नमः
ॐ घनश्यामाय नमः
ॐ वृष्ट्यै नमः