शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
हनुमान मंत्र
ॐ वृष्ट्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवृष्टि
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वर्षा
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ज्ञान की अनवरत वर्षा
विस्तृत लाभ
ज्ञान की अनवरत वर्षा
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
बालार्कारुणकान्तिर्वामे बालां वहन् अङ्के । लसदिन्दीवर हस्तं गौराङ्गीं रत्नशोभाढ्याम् ॥ दक्षे अङ्कुश वरदानं वामे पाशं च पायसं पात्रम् । नीलांशुक समान पीठपद्मारुणे तिष्ठन् संकटहरणः पायात् ॥
ॐ सर्वलोकरिमर्दनाय नमः
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये नवग्रहाः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम नज़र दोष निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ कालमातायै नमः