शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ भवसागरनाविकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपनाविक (माझी)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भवसागर पार कराने वाले नाविक स्वरूप देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संसार रूपी उलझनों से निर्विघ्न पार निकल जाना
विस्तृत लाभ
संसार रूपी उलझनों से निर्विघ्न पार निकल जाना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पश्चिमे पातु सर्वेशो दिशि मे सर्वतोमुखः
ॐ संकर्षणाय नमः
ॐ पुष्ट्यै नमः
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं आपदुद्धारणाय ह्रां ह्रीं ह्रूं अजामिलबद्धाय लोकेश्वराय स्वर्णाकर्षणभैरवाय मम दारिद्र्य विद्वेषणाय महाभैरवाय नमः श्रीं ह्रीं ऐं।
श्री राधे शरणं मम