भार्गव कवच (फलश्रुति-सौभाग्य)
जपतां कवचं नित्यं सर्वसौभाग्यपूरितम्। इति श्रीविष्णुयामले उपरिभागे जामदग्न्यदिव्याञ्जनसिद्धिकल्पे श्रीभार्गवकवचं सम्पूर्णम्॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो नित्य इस कवच का जप करते हैं, वे सभी सौभाग्यों से परिपूर्ण हो जाते हैं। इस प्रकार विष्णु यामल तंत्र के अंतर्गत श्री भार्गव कवच संपूर्ण हुआ।
इस मंत्र से क्या होगा?
सभी प्रकार के सौभाग्य और सिद्धियों की पूर्णता
विस्तृत लाभ
सभी प्रकार के सौभाग्य और सिद्धियों की पूर्णता।
जप काल
कवच के समापन पर फलश्रुति रूप में पाठ।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कृष्णानन्दप्रदायिन्यै नमः
यं ब्रह्मा वरुणेन्द्ररुद्रमरुतः स्तुन्वन्ति दिव्यैः स्तवैः वेदैः साङ्गपदक्रमोपनिषदैः गायन्ति यं सामगाः । ध्यानावस्थिततद्गतेन मनसा पश्यन्ति यं योगिनो यस्यान्तं न विदुः सुरासुरगणा देवाय तस्मै नमः ॥
ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा। बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति॥
ॐ मुमुक्षवे नमः
ॐ शम्भवे नमः
ॐ अहिर्बुध्न्याय नमः