शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ वृषभानुसुता दन्तान् पातु।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकाररक्षा कवच मंत्र;
स्वरूपवृषभानुसुता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वृषभानु की सुता मेरे दांतों की रक्षा करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अंग: दांतों की रक्षा
विस्तृत लाभ
अंग: दांतों की रक्षा।
टिप्पणी
इस कवच के मंत्रों को न्यास (शरीर के अंगों को स्पर्श करते हुए) के रूप में जपा जाता है।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता॥ 18
ॐ मृडात्मजाय नमः
ॐ आं ह्रीं क्रों सहस्रार हुं फट् स्वाहा
ॐ अनघायै नमः
ॐ कबन्धवनवासिन्यै नमः
ऐं ह्रीं श्रीं क्रौं हौं ह्रूं क्षूं लाट भैरवाय क्षूं ह्रूं हौं क्रौं श्रीं ह्रीं ऐं नमः।