ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

स्कंद षष्ठी कवचम्

अमरिडर थीर अमराम् पुरिन्थाकुमरन आदि नेञ्जे कुरि

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकाप्पु
स्वरूपकुमार / देवसेनापति
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हे मन! उन युवा भगवान के चरणों का ध्यान कर, जिन्होंने देवों के कष्ट दूर करने हेतु युद्ध किया।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जीवन में आने वाले गंभीर कष्टों का निवारण

विस्तृत लाभ

जीवन में आने वाले गंभीर कष्टों का निवारण।

जप काल

कवच पाठ के आरम्भ में।

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