शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ मायाधराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपमायापति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महामाया को धारण करने और नियंत्रित करने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संसार के मोह-जाल से बचाव
विस्तृत लाभ
संसार के मोह-जाल से बचाव।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात्
यः पुस्तकाक्षगुण दण्डकमण्डलु श्रीर्निर्वृत्यमान करभूषणमिन्दुवर्णम् । स्तम्बेरमानन चतुष्टय शोभमानं त्वां संस्मरे द्विजगणाधिपते धन्यः ॥
ॐ नमो बजर का कोठा, जिस पर पिंड हमारा पेठा। ईश्वर कुंजी ब्रह्मा का ताला, मेरे आठों धाम का यती हनुमंत रखवाला।
ॐ शत्रुदर्पघ्नाय नमः
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ परब्रह्मणे नमः