शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ नन्दिन्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
नंदगोप की पुत्री (नंदिनी) के रूप में अवतरित देवी को नमन 18।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नारायणाय नमः (पाञ्चरात्र दीक्षा)
ॐ कामरूपिणे नमः
मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि त्रिवेदभारतीश्वरि प्रमाणशासनेश्वरि। रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोदकाननेश्वरि व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोऽस्तु ते॥
ॐ रावणान्तकराय नमः
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः
ॐ नमो भगवते संहार भैरवाय भूत प्रेत पिशाच ब्रह्म राक्षसान् उच्चाटय उच्चाटय संहारय संहारय सर्व भय छेदनं कुरु कुरु स्वाहा।