शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ सनातनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसनातन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शाश्वत और अनादि देव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सत्य और धर्म के मार्ग पर स्थिरता
विस्तृत लाभ
सत्य और धर्म के मार्ग पर स्थिरता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
कृपां कुरु जगन्मातर्मामेवं हततेजसम्। गुरुशापात्स्मृतिभ्रष्टं विद्याहीनं च दुःखितम्॥
अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो अघोरघोरेतरेभ्यः। सर्वतः शर्वः सर्वेभ्यो नमस्ते रुद्र रूपेभ्यः॥
मदोन्मदातियौवने प्रमोदमानमण्डिते प्रियानुरागरञ्जिते कलाविलासपण्डिते। अनन्यधन्यकुञ्जराज्यकामकेलिकोविदे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः पातु मे सर्वशस्तनुम्
ॐ भूपतये नमः।
ॐ अपरिच्छेद्याय नमः