ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

नृसिंह मंत्र

ॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः पातु मे सर्वशस्तनुम्

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपसंपूर्ण शरीर / विराट पुरुष
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

सहस्रों सिरों वाले विराट पुरुष मेरे संपूर्ण शरीर की सब प्रकार से रक्षा करें। (सर्वांगीण सुरक्षा कवच)।

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