शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ प्रजापतये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपप्रजापति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी प्रजाओं के रक्षक और स्वामी को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समाज में सम्मान और उत्तरदायित्व का निर्वहन
विस्तृत लाभ
समाज में सम्मान और उत्तरदायित्व का निर्वहन।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मदोन्मदातियौवने प्रमोदमानमण्डिते प्रियानुरागरञ्जिते कलाविलासपण्डिते। अनन्यधन्यकुञ्जराज्यकामकेलिकोविदे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ त्रिलोकरक्षकाय नमः
ॐ विनीतात्मने नमः
ॐ गणनाथाय नमः
ॐ नमो भगवते नरसिंहाय नमस्तेजस्तेजसे आविराविर्भव वज्रनख वज्रदंष्ट्र कर्माशयान् रन्धय रन्धय तमो ग्रस ग्रस ॐ स्वाहा। अभयमभयमात्मनि भूयिष्ठा ॐ क्ष्रौम्॥
ॐ कङ्कालमाल्यधारिण्यै नमः