शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ सहस्राक्षाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपअनंत-नेत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके सहस्रों (अनंत) नेत्र हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ईश्वर की सूक्ष्म दृष्टि से बचना असंभव है
विस्तृत लाभ
ईश्वर की सूक्ष्म दृष्टि से बचना असंभव है
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ करौ मे देववरदो नृसिंहः पातु सर्वतः
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्। यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो दास्योऽश्वान् विन्देयं पूरुषानहम्॥
ॐ विषघ्न्यै नमः
ॐ ललाटं राधिका तथा।
ॐ शरणागतवत्सलाय नमः
सिन्दूराभमिभाननं त्रिनयनं च पाशाङ्कुशौ बिभ्राणं मधुमत्कपालमनिशं साद्विन्दुमौलिं भजे । पुष्ट्या श्लिष्टतनुं ध्वजाग्रकरया पद्मोल्लसद्धस्तया तद्योन्याहितपाणिमात्तवसुमत पात्रोल्लसत्पुष्करम् ॥