शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ शरणागतवत्सलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपभक्त-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शरण में आए भक्तों पर वात्सल्य लुटाने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घोर विपत्ति में ईश्वरीय संरक्षण की गारंटी
विस्तृत लाभ
घोर विपत्ति में ईश्वरीय संरक्षण की गारंटी।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महापुण्यायै नमः
ॐ ईश्वर्यै नमः
ॐ ऐं ऐं मनो वाञ्छित सिद्धये ऐं ऐं ॐ
ॐ रसज्ञाय नमः
ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा। बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति॥
गजेन्द्रवदनं साक्षाच्चलकर्ण सुचामरम् । हेमवर्णं चतुर्बाहुं पाशाङ्कुशधरं वरम् ॥ स्वदन्तं दक्षिणे हस्ते सव्ये त्वाम्रफलं तथा । पुष्करे मोदकं चैव धारयन्तमनुस्मरेत् ॥