भार्गव दर्शन स्तुति
उपस्पृश्य महेन्द्राद्रौ रामं दृष्ट्वाभिवाद्य च।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
(भगवान बलराम ने) महेंद्र पर्वत पर स्नान/आचमन करके भगवान परशुराम के दर्शन किए और उन्हें अभिवादन (प्रणाम) किया।
इस मंत्र से क्या होगा?
तीर्थ यात्रा का पूर्ण फल एवं सद्गुरु का सान्निध्य
विस्तृत लाभ
तीर्थ यात्रा का पूर्ण फल एवं सद्गुरु का सान्निध्य।
जप काल
महेंद्रगिरि या किसी पवित्र तीर्थ के दर्शन के समय।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वेदमन्त्राभिषेचिताय नमः
ॐ कृष्णप्रेममय्यै राधायै नमः
ॐ ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं नमः।
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।
ॐ स्वर्गापवर्गदात्रे नमः
ॐ वाग्भवाख्याय नमः।