शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ वर्णाश्रयप्रदाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवर्ण-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी वर्णों और आश्रमों को आश्रय देने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समाज के सभी वर्गों के साथ समरसता
विस्तृत लाभ
समाज के सभी वर्गों के साथ समरसता।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
ॐ सुमुखाय नमः
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गङ्गा। लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा॥
ॐ कालमातायै नमः
ॐ दित्ये नमः
ॐ क्रियायै नमः