ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्रीकृष्ण मंत्र

ॐ अनादिब्रह्मचारिणे नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपनैष्ठिक ब्रह्मचारी
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

अनादि काल से ब्रह्मचर्य व्रत (आत्माराम) का पालन करने वाले को नमस्कार।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ब्रह्मचर्य पालन हेतु

विस्तृत लाभ

ब्रह्मचर्य पालन हेतु

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