शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ गदाग्रजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपगद-अग्रज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
गद (कृष्ण के भाई) के अग्रज (बड़े भाई) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
परिवार में ज्येष्ठता का सम्मान
विस्तृत लाभ
परिवार में ज्येष्ठता का सम्मान
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम संतान बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ अघोराय नमः
आत्मनः शक्तिमुद्वीक्ष्य मानोत्साहौ तु यो व्रजेत्। शत्रूनेकोऽपि हन्याच्च क्षत्रियान् भार्गवो यथा॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सप्तव्याहृतिः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
एकदन्तं महाकायं तप्तकाञ्चनसन्निभम् । लम्बोदरं विशालाक्षं वन्देऽहं गणनायकम् ॥
ॐ दुर्गसाधिन्यै नमः