शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ देवकीनन्दनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपदेवकी नन्दन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
माता देवकी को आनन्द देने वाले पुत्र को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मातृ-दोष शान्ति
विस्तृत लाभ
मातृ-दोष शान्ति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे। राधे श्याम राधे श्याम श्याम श्याम राधे राधे॥
ॐ महागुरवे नमः
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे॥
ॐ दिव्यसिंहाय नमः
ॐ आनन्दाय नमः
सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्। सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥