निम्बार्क सम्प्रदाय युगल महामंत्र
राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे। राधे श्याम राधे श्याम श्याम श्याम राधे राधे॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
यह अद्वैत प्रेम में मग्न राधा और कृष्ण के नामों की भावपूर्ण पुकार और गुणगान है।
इस मंत्र से क्या होगा?
मन का परिमार्जन, परम दिव्य प्रेम (रजो-गुण रहित) की प्राप्ति, और मृत्यु पश्चात गोलोक वृंदावन की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
मन का परिमार्जन, परम दिव्य प्रेम (रजो-गुण रहित) की प्राप्ति, और मृत्यु पश्चात गोलोक वृंदावन की प्राप्ति 25।
जप काल
हर समय, उठते-बैठते, बिना किसी कड़े नियम के संकीर्तन या मानसी जप के रूप में।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मारुतात्मजाय नमः
ॐ कवये नमः
ॐ पारगाय नमः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ मायिने नमः
वक्रतुण्डायै क्लीं क्लीं क्लीं गं गणपते वरवरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ॥