ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

निम्बार्क सम्प्रदाय युगल महामंत्र

राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे। राधे श्याम राधे श्याम श्याम श्याम राधे राधे॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमहामंत्र / संकीर्तन मंत्र
स्वरूपयुगल (राधा-कृष्ण / राधा-श्याम)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

यह अद्वैत प्रेम में मग्न राधा और कृष्ण के नामों की भावपूर्ण पुकार और गुणगान है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

मन का परिमार्जन, परम दिव्य प्रेम (रजो-गुण रहित) की प्राप्ति, और मृत्यु पश्चात गोलोक वृंदावन की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

मन का परिमार्जन, परम दिव्य प्रेम (रजो-गुण रहित) की प्राप्ति, और मृत्यु पश्चात गोलोक वृंदावन की प्राप्ति 25।

जप काल

हर समय, उठते-बैठते, बिना किसी कड़े नियम के संकीर्तन या मानसी जप के रूप में।

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