शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ हरिद्वर्णाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपप्रकृति स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हरित वर्ण (प्रकृति रूप) देव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पर्यावरण से सामंजस्य व हरियाली (समृद्धि)
विस्तृत लाभ
पर्यावरण से सामंजस्य व हरियाली (समृद्धि)।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अनङ्गमञ्जरीभग्नायै नमः
ॐ ब्रह्माण्डमोहिन्यै नमः
ॐ कबन्धराशिमध्यगायै नमः
ॐ चतुर्भुजाय नमः
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥
ॐ महोदराय विद्महे महाजठराय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥