शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कृष्णाय वासुदेवाय देवकीनन्दनाय च । नन्दगोपकुमाराय गोविन्दाय नमो नमः ॥
कृष्णाय वासुदेवाय देवकीनन्दनाय च । नन्दगोपकुमाराय गोविन्दाय नमो नमः ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारगोविन्द प्रणति मन्त्र / स्तोत्र मन्त्र / वन्दना मन्त्र
स्वरूपनन्दगोपकुमार बाल-कृष्ण / देवकीनन्दन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वासुदेव-पुत्र, देवकीनन्दन, नन्द-गोप के कुमार, भगवान गोविन्द (कृष्ण) को मैं बार-बार नमस्कार करता हूँ 36।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भगवान की निरन्तर कृपा प्राप्ति, वात्सल्य और भक्ति-भाव की वृद्धि
विस्तृत लाभ
भगवान की निरन्तर कृपा प्राप्ति, वात्सल्य और भक्ति-भाव की वृद्धि 36।
जप काल
भगवान के दर्शन, पूजा-आरती या नैवेद्य अर्पण के समय इसे स्तुति रूप में गाया जाता है 37।
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