ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्रीकृष्ण मंत्र

ॐ भिन्नलोहाय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपबन्धन-भंजक
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

पिता वसुदेव की लोहे की बेड़ियाँ तोड़ने वाले को नमस्कार।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

कर्म-बन्धनों से मुक्ति

विस्तृत लाभ

कर्म-बन्धनों से मुक्ति

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