शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ नगभेदिनें नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपपर्वत-भेदक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
क्रौंच पर्वत को भेदने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन की पर्वत जैसी विशाल बाधाओं को चीरने की शक्ति
विस्तृत लाभ
जीवन की पर्वत जैसी विशाल बाधाओं को चीरने की शक्ति।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।
ॐ स्थाणवे नमः
ॐ प्रभवे नमः।
ॐ इन्दुशीतलायै नमः
ॐ मालिन्यै नमः
ॐ गोपिकाश्रेष्ठायै नमः