शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ रसाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं रस-स्वरूप हैं (भक्ति, वीर और शांत रस के साक्षात् प्रतीक)।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वायुवन्दिताय नमः
ॐ दुर्ज्ञेयाय नमः
ॐ ह्रीं वाग्वादिन्यै स्वाहा नासां मे सर्वतोऽवतु। (स्वरूप: वाग्वादिनी | लाभ: प्राण-वायु और नासिका की रक्षा | अर्थ: वाग्वादिनी नासिका की सभी प्रकार से रक्षा करें) 8
स्तुवन्ति ये स्तुतिभिरमीभिरन्वहं त्रयीमयीं त्रिभुवनमातरं रमाम्। गुणाधिका गुरुतरभाग्यभागिनो भवन्ति ते भुवि बुधभाविताशयाः॥
ॐ कस्तूरीदाहजनन्यै नमः
ॐ वासुदेवाय नमः