शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ॐ तत्सत् भूर्भुवः स्वः तस्मै परब्रह्मणे नमः
ॐ तत्सत् भूर्भुवः स्वः तस्मै परब्रह्मणे नमः (गोपाल-तापनी में विभिन्न वर्णनों के साथ प्रयुक्त)
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारपरब्रह्म ओबिसेंस मन्त्र (Obeisance Mantra)
स्वरूपपरब्रह्म स्वरूप गोपाल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ॐ तत्सत् (वह सत्य है), जो भूर्भुवः स्वः (तीनों लोकों) में व्याप्त है, उस परब्रह्म (कृष्ण) को नमस्कार है 1।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
यह मन्त्र साधक को यह बोध कराता है कि बाल-गोपाल ही साक्षात् परब्रह्म और ब्रह्माण्ड के रचयिता हैं
02
इससे तत्त्व-ज्ञान की प्राप्ति होती है
विस्तृत लाभ
यह मन्त्र साधक को यह बोध कराता है कि बाल-गोपाल ही साक्षात् परब्रह्म और ब्रह्माण्ड के रचयिता हैं। इससे तत्त्व-ज्ञान की प्राप्ति होती है 1।
जप काल
वेदान्त साधना और ध्यान के समय।
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