शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ वैष्णव्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
विष्णु की परम शक्ति 'वैष्णवी' को नमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अध्यक्षरायै नमः
ॐ सिद्धिसेविताय नमः।
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।
ॐ पश्चिमे पातु सर्वेशो दिशि मे सर्वतोमुखः
ॐ हविषे नमः
ॐ नवनीतनावाहारय नमः