शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ वरपूर्णामृतोदधये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअमृत-सागर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पूर्ण अमृत के सागर और वरदान देने वाले भगवान सुब्रह्मण्य को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन की परम पूर्णता और परमानंद की अंतिम सिद्धि
विस्तृत लाभ
जीवन की परम पूर्णता और परमानंद की अंतिम सिद्धि।
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ॐ ब्राह्म्यै नमः
स्वस्ति श्रीगणनायको गजमुखो मोरेश्वरः सिद्धिदः बल्लाळस्तु विनायकस्तथा मढे चिन्तामणिस्थेवर । लेण्याद्रौ गिरिजात्मजः सुवरदो विघ्नेश्वरश्चोझरे ग्रामे रांजणसंस्थितो गणपतिः कुर्यात् सदा मङ्गलम् ॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये ब्रह्माण्डातीतपरमपुरुषः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ अमेयात्मने नमः
ॐ धीरोदात्ताय नमः
ॐ वाचे नमः