शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ यशोदानन्दनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपयशोदा-नन्दन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
माता यशोदा को नन्द (हर्ष) देने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
माता के स्वास्थ्य हेतु
विस्तृत लाभ
माता के स्वास्थ्य हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अनामयाय नमः
मङ्गलम् भगवान विष्णुः मङ्गलम् गरुणध्वजः
ॐ परमन्त्रनिराकर्त्रे नमः
ॐ आदिरूपायै नमः
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥
ॐ क्षत्रियाय नमः।