शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये दशावतारात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारऔपनिषदिक ध्यान मंत्र।
स्वरूपदशावतार स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने दस अवतार (मत्स्य, कूर्म आदि) धारण किए हैं, उन राम को नमन।
जप काल
ध्यान-साधना, मोक्ष-कामना हेतु एकांत में मानसिक जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
पक्वचूत फलकल्प मञ्जरीमिक्षुदण्ड तिलमोदकैः सह । उद्वहन् परशु हस्त ते नमः श्रीसमृद्धिपतये देव पिङ्गल ॥
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18
ॐ सत्यसन्धाय नमः
ॐ सर्वमन्त्रफलप्रदायै नमः
ॐ महाश्रयायै नमः
ॐ जानुदेशं जया पातु।