माँ लक्ष्मी मंत्र
आपः सृजन्तु स्निग्धानि चिक्लीत वस मे गृहे। नि च देवीं मातरं श्रियं वासय मे कुले॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जल स्निग्ध पदार्थों को उत्पन्न करे। हे चिक्लीत ऋषि! आप मेरे घर में निवास करें और श्रीदेवी को मेरे कुल में बसाएं।
इस मंत्र से क्या होगा?
घर में प्रेम, सद्भाव का निवास
विस्तृत लाभ
घर में प्रेम, सद्भाव का निवास।
जप काल
जल/कलश स्थापन के समय।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महागणेशाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि। गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 18
ज्ञानं देहि स्मृतिं देहि विद्यां देहि देवते। प्रतिष्ठां कवितां देहि शक्तिं शिष्यप्रबोधिकाम्॥
क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा
तद्विष्णोः परमं पदं सदा पश्यन्ति सूरयः। दिवीव चक्षुराततम्॥
जय राम शिव राम गुरु राम जय राम (Jaya Rama Siva Rama Guru Rama Jaya Rama)