शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ अघोराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशान्त नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो दुष्टों के लिए घोर हैं परंतु भक्तों के लिए अघोर (सौम्य) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भगवान के प्रति भय-मुक्त, विशुद्ध और निष्काम प्रेम-भाव का उदय
विस्तृत लाभ
भगवान के प्रति भय-मुक्त, विशुद्ध और निष्काम प्रेम-भाव का उदय।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वीणां कल्पलतां अरिं च वरदं दक्षे विदत्ते करैः वामे तामरसं च रत्नकलशं सन्मञ्जरीं चाभयम् । शुण्डादण्ड लसन्मृगेन्द्रवदनः शङ्खेन्दुगौरः शुभो दीव्यद्रत्ननिभांशुकः गणपतिः पायादपायात्स नः ॥
आपः सृजन्तु स्निग्धानि चिक्लीत वस मे गृहे। नि च देवीं मातरं श्रियं वासय मे कुले॥
कराभ्यां परशुं चापं दधानं रेणुकात्मजं। जामदग्न्यं भजे रामं भार्गवं क्षत्रियान्तकं॥
ॐ शम्भवे नमः
ॐ मृत्युघ्न्यै नमः
ॐ मृत्युञ्जयाय नमः