माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ अव्यक्ताय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो निराकार और अप्रकट रूप में भी सर्वत्र उपस्थित हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
अदृश्य और अज्ञात संकटों (जिनके विषय में साधक को पता भी न हो) से रक्षा
विस्तृत लाभ
अदृश्य और अज्ञात संकटों (जिनके विषय में साधक को पता भी न हो) से रक्षा।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय दक्षिण मुखे। कराल वदनाय नरसिंहाय सकल भूत प्रेत प्रमथनाय स्वाहा॥
ॐ ईशानाय नमः
अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥
ॐ श्रीमन्मन्दकटाक्षलब्धविभवब्रह्मेन्द्रगङ्गाधरां, त्वां त्रैलोक्यकुटुम्बिनीं सरसिजां वन्दे मुकुन्दप्रियाम्॥
ॐ कदलीफलमानसायै नमः
ॐ प्राणाय नमः